Sambhal: Young Man Story Is Suspicious, Sp Said, Type Of Bullet That Hit Him Is Not Used By Police - Moradabad News - संभल हिंसा:युवक की कहानी संदिग्ध, बाजार में ठेला ले जाना संभव नहीं, एसपी बोले- जो गोली लगी वह पुलिस की नहीं
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संभल में जामा मस्जिद सर्वे के चलते जामा मस्जिद के इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। बाजार भी पूरी तरह बंद था। यह चौकसी सर्वे के चलते बरती जा रही थी। युवक बिस्किट बेचने का ठेला लेकर वहां तक पहुंच ही नहीं सकता था।
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युवक की कहानी पूरी तरह संदिग्ध है। जामा मस्जिद के पिछले हिस्से वाले रास्ते से आई भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला था। बवाल कर रहे लोगों को खदेड़ा था। यह कहना है संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का।
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उन्होंने यह बात मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रिपोर्ट दर्ज करने वाले आदेश के क्रम में कही है। एसपी ने बताया कि युवक के शरीर में जो गोली लगी है। वह 7.65 एमएम की है। जो पुलिस इस्तेमाल नहीं करती है। इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस द्वारा गोली नहीं चलाई गई है।
जिस बोर की गोली युवक को लगी है वह गोली शारिक साटा गिरोह के तीन गुर्गों ने चलाई थी जो उनसे बरामद भी हुई है। जिस हथियार में चलाई थी वह हथियार भी बरामद हो चुके हैं। एसपी का कहना है कि पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
न्यायिक जांच आयोग द्वारा जांच की गई थी। जिसमें पुलिस की गोली चलाने की भूमिका सामने नहीं आई थी। बल्कि 29 पुलिसकर्मी फायरिंग और पथराव से घायल हुए थे।

संभल हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद जामा मस्जिद सर्वे के दिन थ्री लेयर सुरक्षा थी। धारा 163 लागू थी। आम लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया गया था। ऐसे में कोई व्यक्ति बिस्किट से भरा ठेला लेकर जामा मस्जिद के नजदीक नहीं पहुंच सकता था। बाजार भी पूरी तरह बंद था। भीड़ ने बवाल 7.45 बजे से पहले कर दिया था। जबकि पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगा रहा व्यक्ति घर से आठ बजे निकलने की बात कह रहा है। फिर वह जामा मस्जिद तक आठ बजे कैसे पहुंचा। डीएम, संभल।

चंदाैसी कोर्ट के दिए आदेश (फाइल) - फोटो : संवाद
तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और कोतवाल अनुज तोमर समेत 22 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
संभल। 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल के दौरान गोली लगने से घायल हुए खग्गू सराय निवासी आलम के पिता के आग्रह पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसमें संभल सर्किल के तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर व 15 से 20 अज्ञात पुलिसकर्मियाें को आरोपी बनाया गया है।
कोतवाली संभल में रिपोर्ट दर्ज की जानी है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि अभी उन्हें आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित आलम के पिता यामीन ने कोर्ट में दी तहरीर में बताया है कि उनका बेटा आलम बिस्किट बेचने का काम करता है।

संभल में हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद
पिछले साल 24 नवंबर की सुबह करीब 8 बजे आलम ठेले पर बिस्किट बेचने के लिए घर से निकला था। जैसे ही जामा मस्जिद के नजदीक पहुंचा तो तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी व तत्कालीन संभल कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर व 15 से 20 पुलिसकर्मियों ने जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में भीड़ पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं।

संभल में हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद
उन्होंने बताया कि उनके बेटे आलम ने ठेला छोड़कर भागकर जान बचानी चाही तो दो गोलियां पीठ व एक हाथ में लगीं। किसी तरह बेटा आलम घर तक आया तो निजी अस्पताल में ले गए, जहां उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया।

संभल हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद
मेरठ के निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ
हालत में सुधार नहीं हुआ तो मेरठ में निजी अस्पताल में उपचार को भर्ती कराया, जहां बेटे का ऑपरेशन हुआ और जान बची। पीड़ित के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने तत्कालीन सीओ व कोतवाली प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों के द्वारा गोली चलाने की बात कही है। जब कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से आग्रह किया तो उन्होंने कार्रवाई नहीं की। इस आवेदन पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश किए हैं।

संभल में हिंसा (फाइल) - फोटो : संवाद न्यायालय का जो आदेश हुआ है। उसके खिलाफ सक्षम न्यायालय में अपील की जाएगी। संभल में घटित घटना की जांच न्यायिक जांच आयोग द्वारा भी पूरी की जा चुकी है। इसमें संभल पुलिस की कोई भूमिका नहीं पाई गई। - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल।